शनिवार, 20 अगस्त 2011

To LoVe 2015: बोला सुभाष





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यहाँ देश धर्म करते करतेमैं चलते चलते ठहर गया,
भारत को एक करते करतेमैं ही टुकड़ों में बिखर गया,
अरे मेरा भी इक जीना थाबहता जो खून पसीना था,
इस धरती की सेवा करतेबहते बहते बस निकल गया॥

जो निकल गया सो निकल गयाइस आज़ादी की राहों में,
उसकी सोचो जो तेरी रगों मेंबहता बहता ही सूख गया,
अब जाग और पहचान मुझेहे देशभक्तक्या पता तुम्हें?
बोला सुभाषलड़ते लड़ते इस धरा से कब मैं चला गया?

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FuLl MoViEs
MoViEs To mOvIeS
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