सोमवार, 22 अगस्त 2011

To LoVe 2015: साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था 'सृजन' का वार्षिक समारोह......ड़ा श्याम गुप्त

                लखनऊ के  युवा रचनाकारों की साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था  'सृजन' का वार्षिक समारोह स्थानीय गांधी भवन के लाइब्रेरी हाल में दिनांक २१ अगस्त २०११ को संपन्न हुआ | सरस्वती पूजन व माल्यार्पण के पश्चात वाणी वन्दना प्रातिभ युवा कवि श्री सुभाष चन्द्र रसिया ने की | अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष डॉ योगेश गुप्त ने किया एवं संस्था की गतिविधियों व उसकी स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला  | संस्था द्वारा  नगर के वरिष्ठ कवि साहित्यकार , रेलवे के अवकाश प्राप्त वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक  व सर्जन ड़ा श्याम गुप्त  को 'सृजन साधना वरिष्ठ रचनाकार सम्मान व युवा कवि श्री अखिलेश त्रिवेदी को सृजन साधना युवा रचनाकार सम्मान प्रदान किया गया |



ड़ा श्याम गुप्त को सम्मानित करते हुए पूर्व महानिदेशक पुलिस श्री महेश चन्द्र द्विवेदी




संस्था के उपाध्यक्ष परिचय पढते हुए



श्रीमती सुषमा गुप्ता परिचय पढते हुए



सम्मानित साहित्यकार ड़ा श्याम गुप्त व अखिलेश त्रिवेदी व मंचस्थ  डॉ सत्य, श्री द्विवेदी जी, सिन्हा जी, विनोद चन्द्र पांडे जी व अन्य







संस्था केअध्यक्ष ड़ा योगेश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन व साथ में महामंत्री देवेश कुमार देवेश व श्री पार्थो सेन

                  समारोह की अध्यक्षता अगीत विधा के संस्थापक ड़ा रंग नाथ मिश्र 'सत्य' ने की | मुख्य अतिथि श्री विनोद चन्द्र पांडे 'विनोद' आई ऐ एस पूर्व अध्यक्ष हिन्दी संस्थान,  विशिष्ट अतिथि श्री महेश चन्द्र द्विवेदी पूर्व डीजीपी लखनऊ, श्री गदाधर नारायण सिन्हा पूर्व डीजीपी  व श्री राम चन्द्र शुक्ल पूर्व न्यायाधीश  थे |
                  संस्था के उपाध्यक्ष श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव  व कवयत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता  ने ड़ा श्याम गुप्त का जीवन परिचय दिया एवं श्री गौरव दीक्षित 'मासूम' ने श्री अखिलेश त्रिवेदी का परिचय दिया |  प्रमुख वक्ताओं साहित्यकार व कवि  प्रोफ. ओम प्रकाश गुप्त 'मधुर, कवयित्री श्रीमती स्नेह लता , सुषमा गुप्ता, श्री पार्थो सेन  व मशहूर शायर सुलतान शाकिर हाशमी  ने ड़ा श्याम गुप्त के रचना संसार व रचना धर्मिता की विशद रूप से चर्चा की |
                
             समारोह में उपस्थित  ड़ा आर के गुप्ता पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ,मंडल रेलवे  चिकित्सालय,  लखनऊ   ने भी ड़ा श्याम गुप्त के जीवन वृत्त व रचनाओं पर प्रकाश डाला |            ड़ा श्याम गुप्त  व  श्री अखिलेश त्रिवेदी 'शाश्वत'  द्वारा काव्य-पाठ किया गया | संस्था द्वारा अन्य कविगणों को भी सम्मानित किया गया | अध्यक्ष, मुख्य अतिथि व अन्य मंचस्थ वरिष्ठ विद्वानों ने काव्य जगत में सृजन जैसी संस्थाओं की अत्यंत आवश्यकता व उनके महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए संस्था  के कार्य कलापों की भूरि -भूरि  प्रशंसा की |  अध्यक्ष ड़ा योगेश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया |






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