शनिवार, 28 सितंबर 2013

To LoVe 2015: जरा दिल को संभालना...ओहो...


  
जब चुप्पी छा जाए या उकताहट की हद तक थकावट होने लगे....तो क्या किया जाए? अमा यार ज्यादा कुछ नहीं..बस धीरे-धीरे 100 बार गहरी सांस लीजिए..उसपर नजर टिकाए रखिए...इसके दो फायदे होंगे..पहला ये कि आप ध्यान की अवस्था में चले जाएंगे..वैसे ज्यादातर लोगो के साथ ऐसा होना अंसभव की हद तक मुश्किल होगा....दूसरी बात जो होगी उसमें दो बातें होंगी....नंबर एक कि आप या तो 100 तक सांसों को गिनकर थोड़ा सा कूल हो जाएंगे....औऱ नंबर दो ये होगा कि आप सांसों की गिनती शुरु करेंगे की थोड़ी ही देर में आपका दिमाग अलग-अलग विचारों की उठापठक शुरु कर देगा...औऱ आप सांसों की गिनती भूल कर आते-जाते विचारों को देखने लगेंगे...बस इधर आप गिनती से गाफिल हुए...उधर कोई तगड़ा विचार आपको दबोच लेगा..औऱ  आपको इस कदर घूमा देगा कि आप उस विचार पर अमल करने लगेंगे।  

    विचारों के झमेले अनेक तरह के होते हैं। ऐसे ही किसी विचार के चक्कर में आप बोरिया-बिस्तर समेटकर किनारे रखेंगें...औऱ निकल पड़ेंगे घूमने-फिरने(आजकल बोरिया-बिस्तर समेट किनारे रखा जाता है क्योंकि हर जगह बोरिया-बिस्तर मिल ही जाता है)...या फिर आप किसी दोस्त के साथ पूरे शहर में पुरानी औऱ रुमानी यादों को लपेटे अवारागर्दी करने निकल पड़ें...हो ये भी सकता है कि आप पत्नी के साथ ही कहीं निकल पड़ें....वैसे घूमने का प्लान अपनी पत्नी के साथ ही बनाएं...तो बेहतर होगा....क्योंकि दूसरे की पत्नी आप के साथ जा नहीं पाएगी....क्योंकि 99.9 फीसदी पति इसपर खूब कलपेंगे.....आखिर आपकी पत्नी अगर किसी दूसरे के साथ घूमने निकलेगी तो आप भी तो उबलेंगे ही। आखिर इंडियन मर्द हैं न हम...ठीक इंडियन औऱतो की तरह....हां दरियादिल औऱ विश्वास जहां हो....वहां कि बात अलग है। होता है ऐसा भी..पर कभी-कभी..और ये अपवाद भी हर किसी कि किस्मत में नहीं होता। 

     दिमाग में कई विचारों का घालमेल होता है....हो सकता है कि आपका मन कर जाए कोई पेंटिंग बनाने को....तो बस उठाइए ब्रश औऱ कर दीजिए कागज रंगीन....जरुरी नहीं कि आप एमएफ हुसैन हो जाएं....पर कभी तो लकीरें उकेरी होंगी न...तो बरसों बाद भी ये किया जा सकता है। ये विचार भी अगर बन जाए कि कोई पसंदीदा किताब पढ़ी जाए.....और कुछ नहीं तो जमकर टीवी देखने का लुत्फ उठाइए....मगर टीवी पर कॉमेडी के तड़के वाला कार्यक्रम देंखें और जी भर कर हंसे...इससे सिकुड़े हुए फेफड़ों का व्यायाम यानि एक्सरसाइज भी हो जाएगी। एक बात का ध्यान जरुर रखिएगा कि टीवी देखते समय चटोरी जीभ पर कंट्रोल रखिएगा...। 

     कुछ लोगो का मन कुछ वायर्ड करने का करता है..अगर ऐसा मन सोचता है तो बुरा क्या है? लिमिट में रहकर कुछ ऐसा वायर्ड करें कि बस सब हैरत में रह जाएं....कुछ होगा या नहीं..पर इतना जरुर होगा कि बाद के दिनों में आप ही अपनी उस हरकत को याद करके हैरत के मारे खुश  होंगे...अब वायर्ड क्या होता ये सबकी उम्र के हिसाब से होता है....जवान अपने हिसाब से..प्रौढ़ अपने हिसाब से....औऱ प्रौढ़ से बड़े अपने हिसाब से इसे समझें...पर जरा संभल कर रहिएगा..कहीं वायर्ड के चक्कर में किसी पुरानी प्रेमिका के पति से न जा भिडें। हां नहीं तो..पिट पिटा गए तो मुझे दोष नहीं देना समझे। 

     अबतक आप ये सोचने लगे होंगे कि मैं इतनी बकवास क्यों कर रहा हूं....अरे भई.....दिल का ख्याल रखने का इंटरनेश्नल डे चल रहा है न....यानी..वर्ल्ड हार्ट डे...दिल के एक त्यौहार वैलेंटाइन डे के साथ इस दिन को भी मनाया जाए...क्योंकि एक स्वस्थ दिल हजार नियामत.....यानी स्वस्थ शरीर हजार नियामत....


अरे ये पुरानी भारतीय कहावत ..””पर उपदेश बहुकुशल तेरे””...मेरा दरवाजा क्यों खटखटा रही है....चलिए मैं जरा पता करता हूं तबतक आप अपना दिल संभालिए...हाहाहूहू


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