बुधवार, 4 दिसंबर 2013

To LoVe 2015: आसाराम का भी बाप है नारायण साईं !

इये आज एक बार फिर बात बाबाओं के बलात्कार पर मचे बवाल की करते हैं। आसाराम की करतूतें सामने आ चुकी हैं, बाबा की जो करतूतें है उससे लग नहीं रहा है कि इसके बाल इसकी उम्र की वजह से सफेद हैं। लग रहा कि अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए इसने अपने दाढ़ी-बाल खुद सफेद किया है। खैर भगोड़ा घोषित हो चुका इसका बेटा नारायण साईं के भी पाप का घड़ा भर गया, देर रात ये भी आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। पकडे़ जाने के दौरान नारायण सिख के वेष में था। इसने पिंक कलर की पगड़ी बांध रखी थी और जींस- टीशर्ट पहने हुए था। पकड़े जाने के बाद उसे इस बात की शर्म नहीं थी कि वो बलात्कार का आरोपी है, उसे इस बात पर शर्म थी कि अगर लोगों ने उसे जींस-टीशर्ट में देख लिया तो आगे बाबागिरी की दुकान का क्या होगा ? लिहाजा वो पुलिस वालों से गिड़गिड़ाने लगा कि पहले उसे धोती- कुर्ता पहन लेने दो, फिर गिरफ्तार करो। बहरहाल रात में तो पुलिस ने उसे कपड़े बदलने की छूट नहीं दी, लेकिन सुबह पुलिस ने उसे फिर बाबा बना दिया। कहावत है ना बाप एक नंबरी तो बेटा दस नंबरी। ये कहावत इस बाप-बेटे पर सटीक बैठती है, क्योंकि आसाराम का बाप है नारायण साईं...

अगर मैं नारायण साई को आसाराम का बाप बता रहा हूं तो इसके पीछे खास वजह है। इन दोनों के यौन उत्पीड़न को लेकर तो रोजाना नए - नए खुलासे होते ही रहते थे, लेकिन सबसे चौकाने वाली बात ये कि नारायण साईं दो-दो नाजायज औलाद का बाप है। मेरा मानना है कि कोई महिला आमतौर पर बच्चों के बारे में ऐसा दावा नहीं कर सकती। महिला का आरोप है कि साईं उसके साथ दुराचार करता रहा है और ये संतान भी उसी की है। महिला ने यह भी दावा किया कि साईं केवल उसके ही संतानों का पिता नहीं है, बल्कि वह एक अन्य सेविका की बेटी का भी पिता है। यह लड़की अभी अहमदाबाद में रह रही है। इतना ही नहीं नारायण साईं को मैं इसलिए भी आसाराम का बाप बता रहा हूं, क्योंकि ये अपने ही बाप की अश्लील सीडी बनाने की फिराक में था। साईं चाहता था कि आसाराम की कई महिलाओं के साथ सीडी बना ली जाए और फिर उसे ही संपत्ति से बेदखल कर पूरे राज पर कब्जा जमा ले। आपको पता है ये नारायण साईं अपने आश्रम की लड़कियों के साथ कृष्ण लीला करता था और वह लड़कियों के साथ नहाता था। इसे वह अपनी रासलीला कहता था। सूरत की जिस महिला ने साईं के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था, उसी ने यह सनसनीखेज आरोप एक समाचार चैनल से बातचीत में लगाया है।

बहरहाल दोनों ही कुकर्मियों के पाप का घड़ा भर चुका था, लिहाजा दोनों की धोती खुल गई। बाप एकांतवास और बीमारी के इलाज नाम महिलाओं का शोषण करता रहा और बेटे का तो भगवान ही मालिक है। आमतौर पर स्मगलर कोडवर्ड में बातचीत करते हैं,  जिससे वो कभी धरे ना जाएं। लेकिन यहां तो नारायण साईं भी लड़कियों के मामले में कोडवर्ड में बात करता था। कोडवर्ड जानना चाहते हैं ? हां क्यों नहीं जानना चाहेंगे, आपको भी तो अय्यास बाबाओं की स्टोरी चटखारे लेकर पढ़ने में मजा आ रहा है। तो सुनिए कोडवर्ड.....जो लड़की एक बार आश्रम की चारदीवारी के अंदर पहुंच गई उसके बाद उसका बाहर आ पाना मुश्किल हो जाता है। आश्रम में लड़कियों को लाने और ले जाने के लिए कुछ खास कोडवर्ड् का इस्तेमाल किया जाता था।  मसलन जब नारायण साईं के लिए कोई नई लड़की पेश की जाती थी तो उसके लिए कहा जाता था `लाल तिलक लगा लिया है`। जब आश्रम में पहले से मौजूद किसी लड़की को नारायण साईं के पास दोबारा भेजा जाता था तो कहा जाता था ` चंदन का तिलक लगा लिया है `। जब नारायण साईं के पास पेश करने के लिए लड़कियों को तैयार कर लिया जाता था तो कहा जाता था` भगवान का भोग तैयार हो गया है`। जब किसी लड़की को आश्रम में रोकने का फरमान जारी करना होता था तो कहा जाता था ` तिलक मिटने न पाए, मुंह मत धोना`। जांच में ये भी पता चला है कि आश्रमों में लड़कियों को डराया धमकाया जाता था और नारायण साईं के पास जाने के लिए मजबूर किया। तफ्तीश में ये भी साफ हो चुका है कि आश्रम में काम करने वालों को नारायण साईं की काली करतूतों की पूरी जानकारी थी ।

वैसे आसाराम जैसे का बेटा नारायण ही होना चाहिए । कहा जाता है ना कि जैसा बाप वैसा बेटा । नारायण साईं से जुड़े अब तक जितने भी खुलासे हुए हैं, उनसे एक बात तो साफ हो चुकी है कि बेटा अपने बाप से किसी भी मामले में कम नहीं है। आश्रमों में होने वाली हर काली करतूत को बाप बेटे की ये जोड़ी मिलजुलकर अंजाम देती रही है, और आश्रम के सेवादार और सेविकाएं इनके गलत काम में उनका भरपूर साथ देते रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि नारायण साईं भी अपने बाप आसाराम के पदचिह्नों पर चल रहा था । बाप-बेटे की इस जोड़ी ने देश भर में फैले अलग-अलग आश्रमों में सेविकाओं के नाम पर 50 से ज्यादा महिलाओं को रखा हुआ था, इन सेविकाओं में कई नारायाण साईं की बेहद खास थीं,  आरोप तो ये भी है कि आश्रम की कई सेविकाएं ही नारायण साईं के लिए लड़कियां मुहैया कराती रही हैं। मासूम लड़कियों को आस्था, भक्ति और इलाज के नाम पर अपने जाल में फंसाया जाता था और फिर उन्हें आसाराम और नारायण साईं के पास भेज दिया जाता था। अब नारायण साईं के पकड़े जाने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इन दोनों की काली करतूतों के और मामले भी सामने आएंगे।

आइये इस नारायण साईं की गिरफ्तारी पर भी थोड़ी चर्चा कर ली जाए। 58 दिन से ये पुलिस की आंख में धूल झोंककर गिरफ्तारी से बचता रहा है। लेकिन यौन उत्पीड़न का ये आरोपी आखिर में पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। दिल्‍ली और सूरत पुलिस की टीम ने मंगलवार देर रात नारायण साईं को कुरुक्षेत्र के पास पीपली से गिरफ्तार किया। नारायण साईं के साथ उसके सहयोगी हनुमान, भाविका, विष्‍णु और रमेश भी पुलिस के  हत्थे चढ़ गए। साईं को दिल्‍ली लाया गया, जहां उससे पूरे दिन क्राइम ब्रांच ने खूब पूछताछ की। पुलिस को साईं ने बताया कि उसके सलाहकार ही छिपने को कह रहे थे, इसलिए वो इधर-उधर भागता रहा। साईं ने यह भी बताया कि वह छिपने के क्रम में यूपी के आगरा और बिहार के सीतामढ़ी भी गया था। बताते हैं कि गिरफ्तारी के पहले उसे अंदेशा हो गया था कि वो पुलिस से घिर चुका है। इसलिए उसने भागने की भी कोशिश की। साईं जिस मकान में छिपा  था उसके आसपास के सभी रास्‍तों पर पुलिस ने पहले ही बैरीकेडिंग कर रखी थी। फिर भी उसकी हिम्मत देखिए , वो एक  एसयूवी में बैठकर वहां से निकल भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन तब तक पुलिस ने अपना हाथ उसके गले पर जकड़ दिया। इस ऑपरेशन में करीब 60 पुलिसवाले थे जिनकी अगुवाई दिल्‍ली पुलिस के डीसीपी कर रहे थे।

आपको  पता है कि पुलिस से बचने के लिए नारायण साईं ने क्या क्या नहीं किया। उसके पास से कई मोबाइल फोन के साथ ही लगभग 120 सिम बरामद किए गए। बहरहाल नारायण साईं ने जितनी अय्य़ाशी की, आज सब निकल गई है। अब पुलिस ने इसे दिल्ली कोर्ट में पेश किया है, इसके बाद इसे गुजरात पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेकर गुजरात ले जाएगी। वैसे कुछ दिन तो नारायण भी सुर्खियों  में रहेगा, क्योंकि इसकी अय्य़ाशी से जुड़ी खबरें जो सामने आती  रहेंगी। हां आखिर में ये बात जरूर बताना चाहूंगा कि पुलिस जब इसके  डाक्टरी जांच के लिए अस्पताल या फिर कोर्ट में पेश करने के लिए ले गई, तो इसके  चेहरे पर दो पैसे की शर्म-लिहाज नहीं दिखा। हंसता हुआ ये कोर्ट में रुम दाखिल हुआ, बाहर निकलने के दौरान तो ये जिस तरह दोनों हाथ  ऊपर उठाकर लोगों का  अभिवादन स्वीकार कर रहा था, लगा ही नहीं कि ये यौन उत्पीड़न का आरोपी है।





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